नितिन@रायगढ़। नगर निगम के सफाई कर्मचारी सहित अन्य विभाग के सफाई कर्मचारी अपनी मांग को लेकर कलेक्टर बंगला पहुंच गए। यहां उन्होंने बंगले का घेराव करते हुए अपनी मांगों को सुनने और उसे पूरा करने की बात कही। सफाईकर्मी अपने साथ अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन लेकर कलेक्टर बंगला आए थे। यहां उन्होंने तहसीलदार रायगढ़ को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर रायगढ़ से चर्चा कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही। ज्ञापन देने आए सफाई कर्मियों ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था में ठेका पद्धति चल रहा है। जिसे समाप्त किया जाए। आम तौर पर ठेकेदार उनसे काम लेकर उन्हें पैसे नही देते है। साथ ही उनका आर्थिक मानसिक शोषण भी करते हैं। कुछ बोलने पर उन्हे नौकरी से निकाल दिया जाता है।
बताया जा रहा है,कि लगभग 50 से अधिक संख्या में सफाई कर्मचारी कलेक्टर बंगला घेरने आए थे। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर वे 15 तारीख को बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जिसमे अन्य विभाग के ड्राइवर और सफाई कर्मी शामिल होंगे।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि निगम के सफाई कर्मी ठेका पद्धति के विरुद्ध पिछले दो सप्ताह से आंदोलन रत है। परंतु प्रशासन उनकी मांगों को ध्यान नहीं दे रहा हैं। बीते दो दिन पहले आंदोलन रत सफाई कर्मियों का एक प्रतिनिधि मंडल ने सांसद गोमती साय से उनके बंगले जाकर मिला था। उन्होंने ने भी सफाई कर्मियों की मांग को अपना समर्थन देते हुए उचित सहयोग की बात कही थी।
नितिन@रायगढ़। नगर निगम के सफाई कर्मचारी सहित अन्य विभाग के सफाई कर्मचारी अपनी मांग को लेकर कलेक्टर बंगला पहुंच गए। यहां उन्होंने बंगले का घेराव करते हुए अपनी मांगों को सुनने और उसे पूरा करने की बात कही। सफाईकर्मी अपने साथ अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन लेकर कलेक्टर बंगला आए थे। यहां उन्होंने तहसीलदार रायगढ़ को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर रायगढ़ से चर्चा कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही। ज्ञापन देने आए सफाई कर्मियों ने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था में ठेका पद्धति चल रहा है। जिसे समाप्त किया जाए। आम तौर पर ठेकेदार उनसे काम लेकर उन्हें पैसे नही देते है। साथ ही उनका आर्थिक मानसिक शोषण भी करते हैं। कुछ बोलने पर उन्हे नौकरी से निकाल दिया जाता है।
बताया जा रहा है,कि लगभग 50 से अधिक संख्या में सफाई कर्मचारी कलेक्टर बंगला घेरने आए थे। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर वे 15 तारीख को बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जिसमे अन्य विभाग के ड्राइवर और सफाई कर्मी शामिल होंगे।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि निगम के सफाई कर्मी ठेका पद्धति के विरुद्ध पिछले दो सप्ताह से आंदोलन रत है। परंतु प्रशासन उनकी मांगों को ध्यान नहीं दे रहा हैं। बीते दो दिन पहले आंदोलन रत सफाई कर्मियों का एक प्रतिनिधि मंडल ने सांसद महोदय श्रीमती गोमती साय से उनके बंगले जाकर मिला था। उन्होंने ने भी सफाई कर्मियों की मांग को अपना समर्थन देते हुए उचित सहयोग की बात कही थी।