बिलासपुर—नान घोटाला याद है न…अब उसे कम से कम बिलासपुर वासी भूल जाएं..क्योंकि अब बिलासपुर जिले में नया घोटाला सामने आया है। एपीएल कार्ड को बीपीएल कार्ड बनाकर गरीबों के चावल बेचने वाले फरार आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। अपराध दर्ज होने के बाद दुकान संचालक रवि पर्यानी फरार है। पुलिस गहनता के साथ संचालक की तलाश कर रही है। सूत्रों की माने तो अभी तो सिर्फ कुछ दुकानों का ही मामला सामने आया है। जांच के बाद प्रदेश स्तरीय नाम घोटाला की तरह बिलासपुर जिले का सबसे बड़ा..घोटाला साबित हो सकता है।
आरोपी के खिलाफ एफआईआर
बिलासपुर जिले में एपीएल कार्ड को बीपीएल कार्ड बनाकर चावल घोटाला करने वाले दुकान संचालक के खिलाफ सिविल लाइन ने अपराध दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी दुकान संचालक फरार हो गया है। बताया जा रहा है कि मामला अभी चन्द दुकानों का है..यदि जांच हुई तो बहुत बड़ा मामला घोटाला के रूप में सामने आएगा। बहरहाल अपराध दर्ज होने के बाद फरार दुकान संचालक रवि पीरियानी की पुलिस तलाश कर रही है।
मामला नगर के तालापारा स्थित राशन दुकान का है। लगातार जानकारी मिल रही थी कि तालापारा स्थित राशन दुकान में बीपीएल राशन कार्ड के बहाने गरीबों का आनाज दुकान संचालक डकार रहा है। दरअसल दुकान संचालक एपीएल राशनकार्ड को बीपीएल राशन कार्ड में बदलकर चावल घोटाले को अंजाम दे रहा है।
तालापारा राशन दुकान..गड़बड़ी
तालापारा स्थित राशन दुकान में विद्यानगर, विनोबा नगर और क्रांतिनगर जैसे शहर के महत्वपूर्ण पाश इलाके के राशनकार्ड धारियों का नाम है। चूंकि क्षेत्र में शहर के गणमान्य और पैसे वालों का रहना होता है..जाहिर सी बात है ऐसे लोगों का राशन दुकान से कोई लेना देना नहीं होता है। कभी जरूरत पड़ी भी तो नौकर चाकरों के लिए घर का कोई सदस्य राशन दुकान पहुंचकर राशन निकाल गरीबों को दे देता है। कमोबेश ज्यादातर लोग राश कार्ड दुकान संचालक के हवाले कर देते हैं।
इसी दरियादिली का फायदा उठाकर दुकान संचालक ने जमकर खेल किया। एपीएल कार्ड को बीपीएल कार्ड में बदलवा कर घोटाला को अंजाम दिया है। नतीजन एपीएल कार्ड पर बीपीएल का चावल दुकान संचालक उठाता रहा। और दुकान संचालक सरकारी चावल बाजार में बेचता रहा। बताया जा रहा है कि चावल घोटाला को दुकान संचालक करीब तीन साल से अंजाम दे रहा है।
जानकारी देते चलेें कि बीपीएल कार्डधारयों को सरकार की तरफ से मुफ्त चावल दिया जाता है। जबकि एपीएल कार्डधारियों को 10 रुपए किलो के हिसाब से चावल दिया जाता है। चौकाने वाली बात है कि एपीएल कार्ड धारियों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उनका एपीएल कार्ड अब बीपीएल बन गया है।
बदल गया कार्डः एपीएल वालों को पता नहींं
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हलचल मचना स्वभाविक था। कलेक्टर अवनीश शरण ने खाद्य विभाग को जांच के बाद एफआईआर का निर्देश दिया। रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय से निगम प्रशासन तक पहुंचा। निगम प्रशासन ने भी छानबीन के बाद कलेक्टर को रिपोर्ट दिया। पुलिस ने भी जांच के दौरान एपीएल राशन कार्डधारी चंद्रनाथ चटर्जी, जयप्रकाश द्विवेदी, रश्मि जैन और सतीश चंद्र सूरी बयान लिया। चारो ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि APL कार्ड को बीपीएल कार्ड में बदल दिया गया है।
आरोपी दुकान संचालक फरार
बहरहाल कलेक्टर अवनीश शरण के आदेश पर तालापारा स्थित जय माता दी प्राथमिक उपभोक्ता भंडार संचालक रवि परियानी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 /7 के तहत जुर्म दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने की भनक के बाद दुकान संचालक रवि परियानी फरार हो गया है। पुलिस आरोपी दुकान संचालक की गहनता से तलाश रही है।
एफआईआर की मांग
खाद्य अधिकारी अनुराग सिंह भदौरिया ने बताया कि जांच में तत्कालीन तालापारा दुकान संचालक रवि परियानी की संलिप्तता पायी गयी है। जांच प्रतिवेदन कलेक्टर की अनुमति के बाद पुलिस के हवाले किया गया है। हमने एफआईआर दर्ज की मांग की है। पुलिस भी जांच करेंगी। दोषी पाये जाने पर उचित कदम भी उठाएगी।